हजारों की संख्या में लोग आपने घर तौर कर कहा जा रहा है ? देखिए पूरा रिपोर्ट

बेदखली की खबर के बाद चरणांचल के लोगों में कोहराम मच गया। सैकड़ों लोग अपने घरों से भागकर अपने घरों को जा रहे हैं: सरकार से उदय के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन नहीं करने का आह्वान।

हजारों की संख्या में लोग आपने घर तौर कर कहा जा रहा है ? देखिए पूरा रिपोर्ट

ढिंग, 13 नवंबर: पहले गरुखुति, फिर लमडिंग। और इस बार सरकार का लक्ष्य विशाल ब्रह्मपुत्र की विभिन्न सहायक जगह को बेदखलमुक्त कराना है। इसी के तहत शोनीतपुर जिला प्रशासन ने 27 अक्टूबर को ढेकियाजुली राजसक्र के तहत विभिन्न झुग्गी बस्तियों में रहने वाले लोगों को नोटिस भेजा। तब से, परिदृश्य बेहतर के लिए बदल गया है।

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कृषि पर जीवन यापन करने वाले सैकड़ों लोग क्षेत्र की जगहोको खाली कर रहे है ताकि सरकार को बेदखल मुक्ता कर पाए हैं। लेकिन अपने घरों से पलायन करने को मजबूर हैं। अब ये सभी गरीब किसान अपने घर को लाम लकुटी की बोतलों की बोतलों से भर रहे हैं जो उनके पास दिन में अपने परिवार के साथ होती हैं। इस तरह नगांव व मारीगांव जिले के विभिन्न हिस्सों के निवासी अपने-अपने स्थानों को जा रहे हैं। उनमें से अधिकांश के पास अपने स्वयं के स्थायी घर हैं। हालांकि कुछ सबसे गरीब लोग जिनके पास रहने के लिए घर नहीं है, उन्हें गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इन लोगों द्वारा नगांव-मरीगांव जिले से निकाले गए पांगरी चार और बिश्खुती चार अब लगभग निर्जन हो चुके हैं।

 

दूसरी ओर, ढिंग, मैराबाड़ी, लाहिरीघाट, रूपही, जुरिया और नगांव और मारीगांव जिलों के अन्य क्षेत्रों में अधिकांश लोग लंबे समय से इसी स्थान में रह रहे हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि शोनीतपुर जिले के तिनटेकी, गैतापु, फोरचेतापु और रानीतापू इलाकों में सदियों से रह रहे हजार हजार के गरीब किसानों के पास कोई विकल्प नहीं है। इस बीच, इन सभी आरजे ने ढेकियाजुली राजा चक्र कार्यालय में भूमि के लिए आवेदन किया था।

हालांकि सरकार द्वारा इन आरजे को इन आरजे को जमीन उपलब्ध नहीं कराने के लिए नोटिस भेजे जाने के बाद आरजे के बीच आक्रोश था। इन गरीब किसानो की मांगों में से एक, जो इन क्षेत्रों में सदियों से रह रहे हैं, इन किसानो का एक ही मांग है कि इनकेलिए एक निर्दिष्ट जगह का इंतेजाम करे और फिर उत्सेड अभियान अभियान चलाना है। मुख्यमंत्री हिमंत ने भी दुनिया से आह्वान किया कि वे इन साधारण गरीब किसानों को उनके मूल अधिकारों से वंचित न करें। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सर्मा, जिन्होंने पिछले चुनाव के दौरान बार-बार कहा है कि सरकारी भूमि में रहने वाले सभी लोगों को भूमि अधिकार दिया जाना चाहिए, इस संबंध में कदम उठाने चाहि।

Report from Saidul Islam